पीएम मोदी की मन की बात, कोरोना के खतरे से किया आगाह, वीर शहीदों को किया नमन



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से 'मन की बात' की. इसमें पीएम मोदी ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. 'मन की बात' में पीएम मोदी ने करगिल विजय दिवस के शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी और सेना के जवानों की जांबाजी पर भी चर्चा की.

करगिल का युद्ध जिन परिस्थिति में हुआ था वो भारत कभी नहीं भूल सकता. पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मंसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रही आंतरिक कलह से ध्यान भटकाने के लिए यह दुस्साहस किया था. भारत तब पाकिस्तान से अच्छे संबंधों के लिए प्रयासरत था. लेकिन कहा जाता है- बयरू अकारण सब काहू सों. जो कर हित अनहित ताहू सों. यानी दुष्ट का स्वभाव ही होता है हर किसी से बिना वजह दुश्मनी करना. ऐसे स्वभाव के लोग सबका नुकसान ही सोचते हैं.

पाकिस्तान के द्वारा भारत की पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश हुई थी. लेकिन भारत की वीर सेना ने जो पराक्रम दिखाया उसे पूरी दुनिया ने देखा. आप कल्पना कर सकते हो ऊपर पहाड़ों पर बैठा दुश्मन और नीचे हमारे वीर जवान, लेकिन जीत ऊंचे पहाड़ की नहीं भारत की सेना के ऊंचे हौसले और सच्ची वीरता की हुई. उस समय मुझे भी करगिल जाने का मौका मिला, वो दिन मेरे सबसे अच्छे क्षणों में से एक है.

पीएम मोदी ने कहा, लोग सोशल मीडिया पर करेज करगिल के साथ अपने वीरों को नमन कर रहे हैं जो शहीद हुए हैं उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. मैं वीर जवानों के साथ वीर माताओं को भी नमन करता हूं, जिन्होंने सच्चे सपूतों को जन्म दिया. मैं साथियों आपसे आग्रह करता हूं. एक वेबसाइट है- www.gallantryawards.gov.in आप उसको जरूर विजिट करें. यहां आपको वीर योद्धाओं और उनके पराक्रम के बारे में बहुत जानकारी मिलेगी. मैं तो कहूंगा बार-बार कीजिए.

करगिल युद्ध के दौरान अटल जी ने लाल किले से जो कहा था वो आज भी हम सभी के लिए बहुत प्रासंगिक है. अटल जी ने तब देश को गांधी जी के एक मंत्र की याद दिलाई थी. महात्मा गांधी का मंत्र था- यदि किसी को कभी कोई दुविधा हो कि उसे क्या करना क्या नहीं करना चाहिए. तो उसे भारत के सबसे गरीब और असहाय व्यक्ति के बारे में सोचना चाहिए. उसे ये सोचना चाहिए कि जो वो करने जा रहा है उससे उस व्यक्ति की भलाई होगी या नहीं होगी. गांधी जी के इस विचार से आगे बढ़कर अटल जी ने कहा था कि करगिल ने हमें एक दूसरा मंत्र दिया है. ये मंत्र था- कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले, हम ये सोचें कि क्या हमारा कदम उस सैनिक के सम्मान के अनुरूप है जिसने दुर्गम पहाड़ियों में अपने प्राणों की आहूति दी थी.

पीएम ने कहा, कई बार हम सोशल मीडिया पर ऐसी चीजों को बढ़ावा दे देते हैं जो हमारे देश का बहुत नुकसान करती हैं. आजकल युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़े जाते. देश में भी कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा जाता है. हर एक देशवासी को उसमें अपनी भूमिका तय करनी होती है.

मोदी ने कहा, पिछले कुछ महीनों में पूरे देश ने कोरोना से एकजुट होकर जिस तरह मुकाबला किया है उसने अनेक आशंकाओं को गलत साबित कर दिया है. आज हमारे देश में रिकवरी रेट अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है. साथ ही हमारे देश में कोरोना से मृत्यु दर भी दुनिया के ज्यादातर देशों से काफी कम है. निश्चित रूप से एक भी व्यक्ति को खोना दुखद है. लेकिन भारत अपने लाखों देश वासियों का जीवन बचाने में सफल भी रहा है.

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