''जनाज़े पर मेरे लिख देना यारो, मुहब्बत करने वाला जा रहा है"


मशहूर शायर राहत इंदौरी का दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार को निधन हो गया. वे कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे, जिसके इलाज के लिए उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 अगस्त की देर रात श्रीअरबिंदो अस्तपाल में भर्ती कराया गया था.



कवि कुमार विश्वास ने राहत इंदोरी को याद करते हुए कहा कि ‘’हे ईश्वर ! बेहद दुखद ! इतनी बेबाक़ ज़िंदगी और ऐसा तरंगित शब्द-सागर इतनी ख़ामोशी से विदा होगा,कभी नहीं सोचा था. शायरी के मेरे सफ़र और काव्य-जीवन के ठहाकेदार क़िस्सों का एक बेहद ज़िंदादिल हमसफ़र हाथ छुड़ा कर चला गया’’.

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि ‘’मक़बूल शायर राहत इंदौरीजी के गुज़र जाने की खबर से मुझे काफ़ी दुख हुआ है. उर्दू अदब की वे क़द्दावर शख़्सियत थे.अपनी यादगार शायरी से उन्होंने एक अमिट छाप लोगों के दिलों पर छोड़ी है.आज साहित्य जगत को बड़ा नुक़सान हुआ’’

वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राहत इंदौरी के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा, “अब ना मैं हूँ ना बाक़ी हैं ज़माने मेरे, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे...” अलविदा, राहत इंदौरी साहब.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहत इंदौरी के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने कहा, ''...राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलें, रास्ते आवाज़ देते हैं सफ़र जारी रखो, एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तों, दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो, राहत जी आप यूँ हमें छोड़ कर जाएंगे, सोचा न था. आप जिस दुनिया में भी हों, महफूज़ रहें, सफर जारी रहे.''


राहत इंदौरी का सफर

मध्यप्रदेश में इंदौर में राहत इंदौरी का जन्म हुआ. उनके नाम के साथ उनका शहर एक पहचान की तरह जुड़ा रहा. उन्होंने इंदौर के ही नूतन स्कूल से प्राथमिक शिक्षा हासिल की थी. इसके बाद इंदौर के इस्लामिया करीमीया कॉलेज और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल और भोज विश्वविद्यालय से तालीम हासिल की. उन्होंने साल 1975 में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल, मध्य प्रदेश से उर्दू साहित्य में परास्नातक करने के बाद वर्ष 1985 में, भोज विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश से उर्दू साहित्य में पीएचडी की उपाधि ली. उनके पिता राफतुल्लाह कुरैशी एक कपड़ा मिल कर्मचारी थे और मां मकबूल उन निशा बेगम गृहणी थीं. राहत इंदौरी तीन भाई-बहन थे.

14 views

Subscribe to Our Newsletter

  • White Facebook Icon

© 2023 by TheHours. Proudly created with Wix.com